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चीन के वुहान में कोरोना के दूसरे दौर का डर, अब सभी 1.10 करोड़ नागरिकों का टेस्ट होगा https://ift.tt/2WshrxS

चीन के वुहान में कोरोना का दूसरा दौर शुरू हो सकता है। यहां एक ही दिन में 6 नए मामले आने के बाद सरकारी मीडिया ने इसकी आशंका जताई है। अधिकारियों ने भी कहा है कि अब वुहान के सभी नागरिकों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा। वुहान की आबादी 1.10 करोड़ है। वुहान कोरोना का केंद्र रहा है। यहां दो महीने तक लॉकडाउन रहा। उधर, पूरे चीन में 16 नए मामले आए हैं। इनमें 15 मामलों में लक्षण नजर नहीं आए हैं। शुलान में मार्शल लॉ लागू मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जिलिन और हुबेई प्रांत में अधिकारी संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने की तैयारी कर रहे हैं। जिलिन प्रांत के शुलान शहर में 15 मामले अचानक आए हैं। इसके बाद यहां मार्शल लॉ लगा दिया गया है। शुलानहाई रिस्क जोन घोषित शुलान रूस सीमा से लगा शहर है। इसे हाई रिस्क जोन घोषित किया गया है। यहां एक 45 साल की महिला से संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है। द कोरिया : नाइट क्लब गए 108 लोग संक्रमित, 2000 की तलाश दक्षिण कोरिया में नाइट क्लब, बार, पब से संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है।अधिकारियों ने राजधानी सियोल में 7000 ऐसे लोगों की जांच कराई है, जो...
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स्पेन में शुरुआत में संक्रमण दर 35% थी, टेस्ट और वेंटिलेटर बढ़ाकर यह दर 1% से कम कर दी https://ift.tt/2WUFap8

स्पेन दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित देश है। यहां अब तक 2 लाख 68 हजार 143 मामले सामने आए हैं। 26 हजार 744मौतें हुई हैं। सरकार का कहना है कि उसकी हालात पर नजर है। उसने संक्रमण रोकने की पूरी कोशिश की है। स्वास्थ्य मंत्री सल्वाडोर इला ने कहा, “देश में 14 मार्च को कोरोना का पहला मरीज मिला था। तब से रोज 35 फीसदी की दर से मरीज बढ़ रहे थे। ये घटकर अब 0.05% की दर से बढ़ रहे हैं। यह सब इसलिए संभव हो सका, क्योंकि लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का उत्साह के साथ पालन किया।” लोगों ने 2 महीने लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया इला ने कहा किदो महीने से जारी लॉकडाउन के दौरान लोग कम से कम घरों से निकले। स्वास्थ्यकर्मी अपने घर हीनहीं गए। लोगों ने हर दिन रात 8 बजे घरों की खिड़कियों के पास खड़े होकर स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साह बढ़ाया। ये एक-दूसरे से दूर रहकर भी एक-दूसरे के साथ रहे। देश भर में प्रति हजार लोगों पर 20 टेस्ट हुए सबसे बड़ा कदम यह रहा कि देशभर में 9.50 लाख टेस्ट कराए गए। प्रति 1000 लोगों पर 20 टेस्ट किए गए। यह अन्य देशों की तुलना में ज्यादा हैं। शुरुआत में देश में वेंटिलेटर की कम...

12 साल में सबसे कम गर्मी; इसके चार मुख्य कारण, इनमें से एक लॉकडाउन भी https://ift.tt/3ct5hKA

मध्यप्रदेश केभोपाल शहर में पिछले 12 साल के मुकाबले इस बार गर्मी उतनी असरदार नहीं है। अप्रैल का आखिरी दिन छोड़ दें तो मार्च के 31 और अप्रैल के 29 दिनों में से ज्यादातर दिन तापमान सामान्य से कम ही रहा। कुछ दिन तापमान सामान्य स्तर पर रहा। अप्रैल के केवल आखिरी दिन पारा 41 डिग्री पर गया था। अब मई भी उसी ट्रैक पर चलता दिख रहा है। मई के सात में से दो दिन तापमान सामान्य से 1 डिग्री कम रहा। बाकी दिन औसत के करीब या एक डिग्री अधिक रहा। अगले सात दिन तापमान सामान्य रहने के आसार हैं। गर्मी असरदार न होनेके ये है चार कारण 1. हर 10 दिन के अंतराल में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। 2. अरब सागर, बंगाल की खाड़ी में बनी नमी बादल के रूप में दिख रही। 3. राजस्थान की गर्म हवाओं से तपन होती है। इस बार ऐसा नहीं है। 4. लॉकडाउन में वाहन बंद पड़े हैं। इससे भी राहत है। (मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के मुताबिक) लॉकडाउन इफेक्ट 15 मार्च तक ठंड बारिश : इस बार 15 मार्च तक पारा सामान्य से लगभग 5 डिग्री तक कम रहा। बादल, बारिश और उत्तरी हवा के कारण ठंड महसूस होती रही। इसके बाद मौसम कुछ सुधरा, पर पारा 30 डिग्री तक ...

सूर्य की रोशनी से बैक्टीरिया और वायरस को नष्ट करने की तैयारी, भविष्य में घर-ऑफिस में ऐसे उपकरण दिख सकते हैं https://ift.tt/35THgtD

जब दुनिया कोरोनावायरस के संक्रमण से उबरने की जद्दोजहद में लगी है, तब कुछ वैज्ञानिक आशा बढ़ा रहे हैं कि शायद दशकों पुरानी एक तकनीक सेकीटाणुओं को हवा में नष्ट किया जा सकता है। इस तकनीक को अपर रूम अल्ट्रा वायलेट जर्मी साइडल इर्रेडिएशन कहते हैं। आसान भाषा में इसका मतलब है सूर्य की रोशनी की ताकत को घर, दुकान या ऑफिस के अंदर ले आना। इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, तो बिना किसी दुष्प्रभाव के हवा में तैर रहे कीटाणु वो चाहे बैक्टीरिया हो, फंगस हो या कोरोना जैसा वायरस, नष्ट हो जाता है। सूर्य की रोशनीडिसइंफेक्टेंट के तौर पर काम करती है हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के ग्लोबल हेल्थ एंड सोशल मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. एडवर्ड नार्डेल कहते हैं कि पहले हम इस तकनीक का इस्तेमाल करने में संघर्ष करते थे, लेकिन अब हम जानते हैं कि यह तकनीक काम करती है। सूर्य की रोशनी डिसइंफेक्टेंट के तौर पर काम करती है, खासतौर पर इसकी अल्ट्रा-वायलेट किरणें हवा में तैरने वाले कीटाणुओं को नष्ट करने में कारगर है। अब तक इस्तेमाल क्यों नहीं हुआ इस टेक्नोलॉजी को बड़े स्तर पर अब तक इस्तेमाल न कर पाने के पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला, स्कू...

80% घर में होंगे ठीक, इंदौर देश का पहला शहर जहां हजारों लोगों को देंगे ऑक्सीमीटर https://ift.tt/2yUj3r5

यहांजून-जुलाई में 13 हजार 438 संक्रमण के मामले सामने आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन का सारा जोर होम आइसोलेशन पर है। माना जा रहा है कि चार हजार लोग ऐसे होंगे, जिन्हें होम आइसोलेशन में रखा जा सकता है। सभी को पल्स ऑक्सीमीटर दिए जाएंगे ताकि वे खुद ही ऑक्सीजन का स्तर जांच कर जानकारी भेज सके। इंदौर देश में पहला ऐसा जिला है, जहां ए-सिम्प्टोमेटिक मरीजों को पल्स ऑक्सीमीटर दिए जा रहे हैं। अभी 27 पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेशन रखा जाएगा। उनके परिजन को हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन लेना अनिवार्य होगा। इसी बीच, आबकारी के एसआई समेत 91 नए पॉजिटिव सामने आए। मंगलवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक 1026 सैंपल में से 935 निगेटिव मिले हैं। तीन मरीजों की मौत भी हुई है। एक निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही रिलीज करें कमिश्नर ने सभी कलेक्टर को पत्र लिखा है कि वह एक निगेटिव रिपोर्ट के बाद ही मरीजों को डिस्चार्ज करें। उन्होंने कहा- ऐसे कई उदाहरण हैं, जिसमें लक्षण नहीं आने के बाद भी मरीज पॉजिटिव आए हैं।ऐसे में डिस्चार्ज करने पर संबंधित व्यक्ति के कैरियर बनकर संक्रमण फैलाने का आशंका बनी रहती है। भास्कर नॉल...

74 हजार 243 केस: 24 घंटे में रिकॉर्ड 1871 मरीज ठीक हुए; महाराष्ट्र में संक्रमितों का आंकड़ा 24 हजार के पार पहुंचा https://ift.tt/35TfIoc

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 74हजार 243हो गई है। मंगलवार को महाराष्ट्र में 1026, तमिलनाडु में 716, दिल्ली में 406, गुजरात में 362, मध्यप्रदेश में 201, राजस्थान में 138, प. बंगाल में 110 औरबिहार में 81समेत 3474से ज्यादा रिपोर्ट पॉजिटिव आईं। बीते 24 घंटे में 1871 मरीज ठीक भी हुए। ये आंकड़े covid19india.org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के आधार पर हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में70 हजार 756 संक्रमित हैं। 46 हजार 8 का इलाज चल रहा है। 22 हजार 454 ठीक हो चुके हैं, जबकि 2293 मरीजों की मौत हुईहै। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि हमारे यहां कोरोना के मरीजों के ठीक होने की दरहर दिन बेहतर हो रही है। आज यह 31.7% पर है। कोरोना से मृत्यु की दर हमारे यहां दुनिया में सबसे कम 3.2% है। कई राज्यों में तो यह इससे भी कम है। दुनिया में यह दर 7 से 7.5% है। 5 दिन जब संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले आए दिन मामले 10 मई 4311 04 मई 3656 06 मई 3602 11 मई 3591 07 मई 3344 26 राज्य, 7 केंद्र शासित प्रदेशों में फैला संक्रमण कोरोनावायरस का स...

गुजरात से 9 माह की गर्भवती 6 दिन में 196 किमी पैदल राजस्थान पहुंची, तब प्रशासन ने एंबुलेंस से घर पहुंचाया https://ift.tt/2SZzbhM

काेराेना के कहर में ज्यादातर लोग घरों में सुरक्षित हैं। लेकिन, जाे घर से दूर हैं, वाे घर जाने के लिए कितना दर्द सहते हैं?इसकी बानगी डूंगरपूर के टामटिया गांव में देखने को मिली। गर्भवती महिला के लिए एक-एक कदम चलना मुश्किल भरा हाेता है।लेकिन, एक महिला ने 9 माह की गर्भवती होने के बावजूद 6 दिन लगातार पैदल सफर किया। साथ में पति और दो बच्चे भी थे। इस दौरान कई चाैकियाें और प्रशासनिक अफसरों के सामने से गुजरी। लेकिन, जब मदद मिली, तब तक वो 196 किलोमीटर सफर तय कर चुकी थी। रतलाम की है महिला मध्यप्रदेश में रतलाम जिले के सैलाना के गांव कूपडा के लक्ष्मण भाभर, 9 माह की गर्भवती पत्नी बापूडी, 2 वर्ष की पुत्री और एक वर्ष के पुत्र के साथ अहमदाबाद से 6 दिन पहले पैदल रवाना हुए थे। ये रतनपुर बॉर्डर से डूंगरपुर होते हुए टामटिया चेक पोस्ट पर पहुंचे। तब तक ये 196 किमी का सफर तय कर चुके थे। यहां अफसरों ने इन्हें भरपेट भोजन कराया। गर्भवती की जांच एवं स्क्रीनिंग भी की गई। इसके बाद एम्बुलेंस की व्यवस्था कर उनके घर पहुंचाया गया। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें राजस्थान पहुंचने क...

चीन के वुहान में कोरोना के दूसरे दौर का डर, अब सभी 1.10 करोड़ नागरिकों का टेस्ट होगा https://ift.tt/2WshrxS

चीन के वुहान में कोरोना का दूसरा दौर शुरू हो सकता है। यहां एक ही दिन में 6 नए मामले आने के बाद सरकारी मीडिया ने इसकी आशंका जताई है। अधिकारियों ने भी कहा है कि अब वुहान के सभी नागरिकों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा। वुहान की आबादी 1.10 करोड़ है। वुहान कोरोना का केंद्र रहा है। यहां दो महीने तक लॉकडाउन रहा। उधर, पूरे चीन में 16 नए मामले आए हैं। इनमें 15 मामलों में लक्षण नजर नहीं आए हैं। शुलान में मार्शल लॉ लागू मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जिलिन और हुबेई प्रांत में अधिकारी संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने की तैयारी कर रहे हैं। जिलिन प्रांत के शुलान शहर में 15 मामले अचानक आए हैं। इसके बाद यहां मार्शल लॉ लगा दिया गया है। शुलानहाई रिस्क जोन घोषित शुलान रूस सीमा से लगा शहर है। इसे हाई रिस्क जोन घोषित किया गया है। यहां एक 45 साल की महिला से संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है। द कोरिया : नाइट क्लब गए 108 लोग संक्रमित, 2000 की तलाश दक्षिण कोरिया में नाइट क्लब, बार, पब से संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है।अधिकारियों ने राजधानी सियोल में 7000 ऐसे लोगों की जांच कराई है, जो...

स्पेन में शुरुआत में संक्रमण दर 35% थी, टेस्ट और वेंटिलेटर बढ़ाकर यह दर 1% से कम कर दी https://ift.tt/2WUFap8

स्पेन दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित देश है। यहां अब तक 2 लाख 68 हजार 143 मामले सामने आए हैं। 26 हजार 744मौतें हुई हैं। सरकार का कहना है कि उसकी हालात पर नजर है। उसने संक्रमण रोकने की पूरी कोशिश की है। स्वास्थ्य मंत्री सल्वाडोर इला ने कहा, “देश में 14 मार्च को कोरोना का पहला मरीज मिला था। तब से रोज 35 फीसदी की दर से मरीज बढ़ रहे थे। ये घटकर अब 0.05% की दर से बढ़ रहे हैं। यह सब इसलिए संभव हो सका, क्योंकि लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का उत्साह के साथ पालन किया।” लोगों ने 2 महीने लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया इला ने कहा किदो महीने से जारी लॉकडाउन के दौरान लोग कम से कम घरों से निकले। स्वास्थ्यकर्मी अपने घर हीनहीं गए। लोगों ने हर दिन रात 8 बजे घरों की खिड़कियों के पास खड़े होकर स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साह बढ़ाया। ये एक-दूसरे से दूर रहकर भी एक-दूसरे के साथ रहे। देश भर में प्रति हजार लोगों पर 20 टेस्ट हुए सबसे बड़ा कदम यह रहा कि देशभर में 9.50 लाख टेस्ट कराए गए। प्रति 1000 लोगों पर 20 टेस्ट किए गए। यह अन्य देशों की तुलना में ज्यादा हैं। शुरुआत में देश में वेंटिलेटर की कम...

सूर्य की रोशनी से बैक्टीरिया और वायरस को नष्ट करने की तैयारी, भविष्य में घर-ऑफिस में ऐसे उपकरण दिख सकते हैं https://ift.tt/35THgtD

जब दुनिया कोरोनावायरस के संक्रमण से उबरने की जद्दोजहद में लगी है, तब कुछ वैज्ञानिक आशा बढ़ा रहे हैं कि शायद दशकों पुरानी एक तकनीक सेकीटाणुओं को हवा में नष्ट किया जा सकता है। इस तकनीक को अपर रूम अल्ट्रा वायलेट जर्मी साइडल इर्रेडिएशन कहते हैं। आसान भाषा में इसका मतलब है सूर्य की रोशनी की ताकत को घर, दुकान या ऑफिस के अंदर ले आना। इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, तो बिना किसी दुष्प्रभाव के हवा में तैर रहे कीटाणु वो चाहे बैक्टीरिया हो, फंगस हो या कोरोना जैसा वायरस, नष्ट हो जाता है। सूर्य की रोशनीडिसइंफेक्टेंट के तौर पर काम करती है हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के ग्लोबल हेल्थ एंड सोशल मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. एडवर्ड नार्डेल कहते हैं कि पहले हम इस तकनीक का इस्तेमाल करने में संघर्ष करते थे, लेकिन अब हम जानते हैं कि यह तकनीक काम करती है। सूर्य की रोशनी डिसइंफेक्टेंट के तौर पर काम करती है, खासतौर पर इसकी अल्ट्रा-वायलेट किरणें हवा में तैरने वाले कीटाणुओं को नष्ट करने में कारगर है। अब तक इस्तेमाल क्यों नहीं हुआ इस टेक्नोलॉजी को बड़े स्तर पर अब तक इस्तेमाल न कर पाने के पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला, स्कू...