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Showing posts from May, 2020

चीन के वुहान में कोरोना के दूसरे दौर का डर, अब सभी 1.10 करोड़ नागरिकों का टेस्ट होगा https://ift.tt/2WshrxS

चीन के वुहान में कोरोना का दूसरा दौर शुरू हो सकता है। यहां एक ही दिन में 6 नए मामले आने के बाद सरकारी मीडिया ने इसकी आशंका जताई है। अधिकारियों ने भी कहा है कि अब वुहान के सभी नागरिकों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा। वुहान की आबादी 1.10 करोड़ है। वुहान कोरोना का केंद्र रहा है। यहां दो महीने तक लॉकडाउन रहा। उधर, पूरे चीन में 16 नए मामले आए हैं। इनमें 15 मामलों में लक्षण नजर नहीं आए हैं। शुलान में मार्शल लॉ लागू मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जिलिन और हुबेई प्रांत में अधिकारी संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने की तैयारी कर रहे हैं। जिलिन प्रांत के शुलान शहर में 15 मामले अचानक आए हैं। इसके बाद यहां मार्शल लॉ लगा दिया गया है। शुलानहाई रिस्क जोन घोषित शुलान रूस सीमा से लगा शहर है। इसे हाई रिस्क जोन घोषित किया गया है। यहां एक 45 साल की महिला से संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है। द कोरिया : नाइट क्लब गए 108 लोग संक्रमित, 2000 की तलाश दक्षिण कोरिया में नाइट क्लब, बार, पब से संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है।अधिकारियों ने राजधानी सियोल में 7000 ऐसे लोगों की जांच कराई है, जो...

स्पेन में शुरुआत में संक्रमण दर 35% थी, टेस्ट और वेंटिलेटर बढ़ाकर यह दर 1% से कम कर दी https://ift.tt/2WUFap8

स्पेन दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित देश है। यहां अब तक 2 लाख 68 हजार 143 मामले सामने आए हैं। 26 हजार 744मौतें हुई हैं। सरकार का कहना है कि उसकी हालात पर नजर है। उसने संक्रमण रोकने की पूरी कोशिश की है। स्वास्थ्य मंत्री सल्वाडोर इला ने कहा, “देश में 14 मार्च को कोरोना का पहला मरीज मिला था। तब से रोज 35 फीसदी की दर से मरीज बढ़ रहे थे। ये घटकर अब 0.05% की दर से बढ़ रहे हैं। यह सब इसलिए संभव हो सका, क्योंकि लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का उत्साह के साथ पालन किया।” लोगों ने 2 महीने लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया इला ने कहा किदो महीने से जारी लॉकडाउन के दौरान लोग कम से कम घरों से निकले। स्वास्थ्यकर्मी अपने घर हीनहीं गए। लोगों ने हर दिन रात 8 बजे घरों की खिड़कियों के पास खड़े होकर स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साह बढ़ाया। ये एक-दूसरे से दूर रहकर भी एक-दूसरे के साथ रहे। देश भर में प्रति हजार लोगों पर 20 टेस्ट हुए सबसे बड़ा कदम यह रहा कि देशभर में 9.50 लाख टेस्ट कराए गए। प्रति 1000 लोगों पर 20 टेस्ट किए गए। यह अन्य देशों की तुलना में ज्यादा हैं। शुरुआत में देश में वेंटिलेटर की कम...

12 साल में सबसे कम गर्मी; इसके चार मुख्य कारण, इनमें से एक लॉकडाउन भी https://ift.tt/3ct5hKA

मध्यप्रदेश केभोपाल शहर में पिछले 12 साल के मुकाबले इस बार गर्मी उतनी असरदार नहीं है। अप्रैल का आखिरी दिन छोड़ दें तो मार्च के 31 और अप्रैल के 29 दिनों में से ज्यादातर दिन तापमान सामान्य से कम ही रहा। कुछ दिन तापमान सामान्य स्तर पर रहा। अप्रैल के केवल आखिरी दिन पारा 41 डिग्री पर गया था। अब मई भी उसी ट्रैक पर चलता दिख रहा है। मई के सात में से दो दिन तापमान सामान्य से 1 डिग्री कम रहा। बाकी दिन औसत के करीब या एक डिग्री अधिक रहा। अगले सात दिन तापमान सामान्य रहने के आसार हैं। गर्मी असरदार न होनेके ये है चार कारण 1. हर 10 दिन के अंतराल में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। 2. अरब सागर, बंगाल की खाड़ी में बनी नमी बादल के रूप में दिख रही। 3. राजस्थान की गर्म हवाओं से तपन होती है। इस बार ऐसा नहीं है। 4. लॉकडाउन में वाहन बंद पड़े हैं। इससे भी राहत है। (मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के मुताबिक) लॉकडाउन इफेक्ट 15 मार्च तक ठंड बारिश : इस बार 15 मार्च तक पारा सामान्य से लगभग 5 डिग्री तक कम रहा। बादल, बारिश और उत्तरी हवा के कारण ठंड महसूस होती रही। इसके बाद मौसम कुछ सुधरा, पर पारा 30 डिग्री तक ...

सूर्य की रोशनी से बैक्टीरिया और वायरस को नष्ट करने की तैयारी, भविष्य में घर-ऑफिस में ऐसे उपकरण दिख सकते हैं https://ift.tt/35THgtD

जब दुनिया कोरोनावायरस के संक्रमण से उबरने की जद्दोजहद में लगी है, तब कुछ वैज्ञानिक आशा बढ़ा रहे हैं कि शायद दशकों पुरानी एक तकनीक सेकीटाणुओं को हवा में नष्ट किया जा सकता है। इस तकनीक को अपर रूम अल्ट्रा वायलेट जर्मी साइडल इर्रेडिएशन कहते हैं। आसान भाषा में इसका मतलब है सूर्य की रोशनी की ताकत को घर, दुकान या ऑफिस के अंदर ले आना। इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, तो बिना किसी दुष्प्रभाव के हवा में तैर रहे कीटाणु वो चाहे बैक्टीरिया हो, फंगस हो या कोरोना जैसा वायरस, नष्ट हो जाता है। सूर्य की रोशनीडिसइंफेक्टेंट के तौर पर काम करती है हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के ग्लोबल हेल्थ एंड सोशल मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. एडवर्ड नार्डेल कहते हैं कि पहले हम इस तकनीक का इस्तेमाल करने में संघर्ष करते थे, लेकिन अब हम जानते हैं कि यह तकनीक काम करती है। सूर्य की रोशनी डिसइंफेक्टेंट के तौर पर काम करती है, खासतौर पर इसकी अल्ट्रा-वायलेट किरणें हवा में तैरने वाले कीटाणुओं को नष्ट करने में कारगर है। अब तक इस्तेमाल क्यों नहीं हुआ इस टेक्नोलॉजी को बड़े स्तर पर अब तक इस्तेमाल न कर पाने के पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला, स्कू...

80% घर में होंगे ठीक, इंदौर देश का पहला शहर जहां हजारों लोगों को देंगे ऑक्सीमीटर https://ift.tt/2yUj3r5

यहांजून-जुलाई में 13 हजार 438 संक्रमण के मामले सामने आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन का सारा जोर होम आइसोलेशन पर है। माना जा रहा है कि चार हजार लोग ऐसे होंगे, जिन्हें होम आइसोलेशन में रखा जा सकता है। सभी को पल्स ऑक्सीमीटर दिए जाएंगे ताकि वे खुद ही ऑक्सीजन का स्तर जांच कर जानकारी भेज सके। इंदौर देश में पहला ऐसा जिला है, जहां ए-सिम्प्टोमेटिक मरीजों को पल्स ऑक्सीमीटर दिए जा रहे हैं। अभी 27 पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेशन रखा जाएगा। उनके परिजन को हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन लेना अनिवार्य होगा। इसी बीच, आबकारी के एसआई समेत 91 नए पॉजिटिव सामने आए। मंगलवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक 1026 सैंपल में से 935 निगेटिव मिले हैं। तीन मरीजों की मौत भी हुई है। एक निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही रिलीज करें कमिश्नर ने सभी कलेक्टर को पत्र लिखा है कि वह एक निगेटिव रिपोर्ट के बाद ही मरीजों को डिस्चार्ज करें। उन्होंने कहा- ऐसे कई उदाहरण हैं, जिसमें लक्षण नहीं आने के बाद भी मरीज पॉजिटिव आए हैं।ऐसे में डिस्चार्ज करने पर संबंधित व्यक्ति के कैरियर बनकर संक्रमण फैलाने का आशंका बनी रहती है। भास्कर नॉल...

74 हजार 243 केस: 24 घंटे में रिकॉर्ड 1871 मरीज ठीक हुए; महाराष्ट्र में संक्रमितों का आंकड़ा 24 हजार के पार पहुंचा https://ift.tt/35TfIoc

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 74हजार 243हो गई है। मंगलवार को महाराष्ट्र में 1026, तमिलनाडु में 716, दिल्ली में 406, गुजरात में 362, मध्यप्रदेश में 201, राजस्थान में 138, प. बंगाल में 110 औरबिहार में 81समेत 3474से ज्यादा रिपोर्ट पॉजिटिव आईं। बीते 24 घंटे में 1871 मरीज ठीक भी हुए। ये आंकड़े covid19india.org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के आधार पर हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में70 हजार 756 संक्रमित हैं। 46 हजार 8 का इलाज चल रहा है। 22 हजार 454 ठीक हो चुके हैं, जबकि 2293 मरीजों की मौत हुईहै। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि हमारे यहां कोरोना के मरीजों के ठीक होने की दरहर दिन बेहतर हो रही है। आज यह 31.7% पर है। कोरोना से मृत्यु की दर हमारे यहां दुनिया में सबसे कम 3.2% है। कई राज्यों में तो यह इससे भी कम है। दुनिया में यह दर 7 से 7.5% है। 5 दिन जब संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले आए दिन मामले 10 मई 4311 04 मई 3656 06 मई 3602 11 मई 3591 07 मई 3344 26 राज्य, 7 केंद्र शासित प्रदेशों में फैला संक्रमण कोरोनावायरस का स...

गुजरात से 9 माह की गर्भवती 6 दिन में 196 किमी पैदल राजस्थान पहुंची, तब प्रशासन ने एंबुलेंस से घर पहुंचाया https://ift.tt/2SZzbhM

काेराेना के कहर में ज्यादातर लोग घरों में सुरक्षित हैं। लेकिन, जाे घर से दूर हैं, वाे घर जाने के लिए कितना दर्द सहते हैं?इसकी बानगी डूंगरपूर के टामटिया गांव में देखने को मिली। गर्भवती महिला के लिए एक-एक कदम चलना मुश्किल भरा हाेता है।लेकिन, एक महिला ने 9 माह की गर्भवती होने के बावजूद 6 दिन लगातार पैदल सफर किया। साथ में पति और दो बच्चे भी थे। इस दौरान कई चाैकियाें और प्रशासनिक अफसरों के सामने से गुजरी। लेकिन, जब मदद मिली, तब तक वो 196 किलोमीटर सफर तय कर चुकी थी। रतलाम की है महिला मध्यप्रदेश में रतलाम जिले के सैलाना के गांव कूपडा के लक्ष्मण भाभर, 9 माह की गर्भवती पत्नी बापूडी, 2 वर्ष की पुत्री और एक वर्ष के पुत्र के साथ अहमदाबाद से 6 दिन पहले पैदल रवाना हुए थे। ये रतनपुर बॉर्डर से डूंगरपुर होते हुए टामटिया चेक पोस्ट पर पहुंचे। तब तक ये 196 किमी का सफर तय कर चुके थे। यहां अफसरों ने इन्हें भरपेट भोजन कराया। गर्भवती की जांच एवं स्क्रीनिंग भी की गई। इसके बाद एम्बुलेंस की व्यवस्था कर उनके घर पहुंचाया गया। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें राजस्थान पहुंचने क...

चीन के वुहान में कोरोना के दूसरे दौर का डर, अब सभी 1.10 करोड़ नागरिकों का टेस्ट होगा https://ift.tt/2WshrxS

चीन के वुहान में कोरोना का दूसरा दौर शुरू हो सकता है। यहां एक ही दिन में 6 नए मामले आने के बाद सरकारी मीडिया ने इसकी आशंका जताई है। अधिकारियों ने भी कहा है कि अब वुहान के सभी नागरिकों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा। वुहान की आबादी 1.10 करोड़ है। वुहान कोरोना का केंद्र रहा है। यहां दो महीने तक लॉकडाउन रहा। उधर, पूरे चीन में 16 नए मामले आए हैं। इनमें 15 मामलों में लक्षण नजर नहीं आए हैं। शुलान में मार्शल लॉ लागू मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जिलिन और हुबेई प्रांत में अधिकारी संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने की तैयारी कर रहे हैं। जिलिन प्रांत के शुलान शहर में 15 मामले अचानक आए हैं। इसके बाद यहां मार्शल लॉ लगा दिया गया है। शुलानहाई रिस्क जोन घोषित शुलान रूस सीमा से लगा शहर है। इसे हाई रिस्क जोन घोषित किया गया है। यहां एक 45 साल की महिला से संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है। द कोरिया : नाइट क्लब गए 108 लोग संक्रमित, 2000 की तलाश दक्षिण कोरिया में नाइट क्लब, बार, पब से संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है।अधिकारियों ने राजधानी सियोल में 7000 ऐसे लोगों की जांच कराई है, जो...

स्पेन में शुरुआत में संक्रमण दर 35% थी, टेस्ट और वेंटिलेटर बढ़ाकर यह दर 1% से कम कर दी https://ift.tt/2WUFap8

स्पेन दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित देश है। यहां अब तक 2 लाख 68 हजार 143 मामले सामने आए हैं। 26 हजार 744मौतें हुई हैं। सरकार का कहना है कि उसकी हालात पर नजर है। उसने संक्रमण रोकने की पूरी कोशिश की है। स्वास्थ्य मंत्री सल्वाडोर इला ने कहा, “देश में 14 मार्च को कोरोना का पहला मरीज मिला था। तब से रोज 35 फीसदी की दर से मरीज बढ़ रहे थे। ये घटकर अब 0.05% की दर से बढ़ रहे हैं। यह सब इसलिए संभव हो सका, क्योंकि लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का उत्साह के साथ पालन किया।” लोगों ने 2 महीने लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया इला ने कहा किदो महीने से जारी लॉकडाउन के दौरान लोग कम से कम घरों से निकले। स्वास्थ्यकर्मी अपने घर हीनहीं गए। लोगों ने हर दिन रात 8 बजे घरों की खिड़कियों के पास खड़े होकर स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साह बढ़ाया। ये एक-दूसरे से दूर रहकर भी एक-दूसरे के साथ रहे। देश भर में प्रति हजार लोगों पर 20 टेस्ट हुए सबसे बड़ा कदम यह रहा कि देशभर में 9.50 लाख टेस्ट कराए गए। प्रति 1000 लोगों पर 20 टेस्ट किए गए। यह अन्य देशों की तुलना में ज्यादा हैं। शुरुआत में देश में वेंटिलेटर की कम...

सूर्य की रोशनी से बैक्टीरिया और वायरस को नष्ट करने की तैयारी, भविष्य में घर-ऑफिस में ऐसे उपकरण दिख सकते हैं https://ift.tt/35THgtD

जब दुनिया कोरोनावायरस के संक्रमण से उबरने की जद्दोजहद में लगी है, तब कुछ वैज्ञानिक आशा बढ़ा रहे हैं कि शायद दशकों पुरानी एक तकनीक सेकीटाणुओं को हवा में नष्ट किया जा सकता है। इस तकनीक को अपर रूम अल्ट्रा वायलेट जर्मी साइडल इर्रेडिएशन कहते हैं। आसान भाषा में इसका मतलब है सूर्य की रोशनी की ताकत को घर, दुकान या ऑफिस के अंदर ले आना। इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, तो बिना किसी दुष्प्रभाव के हवा में तैर रहे कीटाणु वो चाहे बैक्टीरिया हो, फंगस हो या कोरोना जैसा वायरस, नष्ट हो जाता है। सूर्य की रोशनीडिसइंफेक्टेंट के तौर पर काम करती है हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के ग्लोबल हेल्थ एंड सोशल मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. एडवर्ड नार्डेल कहते हैं कि पहले हम इस तकनीक का इस्तेमाल करने में संघर्ष करते थे, लेकिन अब हम जानते हैं कि यह तकनीक काम करती है। सूर्य की रोशनी डिसइंफेक्टेंट के तौर पर काम करती है, खासतौर पर इसकी अल्ट्रा-वायलेट किरणें हवा में तैरने वाले कीटाणुओं को नष्ट करने में कारगर है। अब तक इस्तेमाल क्यों नहीं हुआ इस टेक्नोलॉजी को बड़े स्तर पर अब तक इस्तेमाल न कर पाने के पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला, स्कू...

मुंबई से घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों की भूख का इंतजाम, कहीं सिक्खों ने लंगर लगाए तो कहीं रोजेदार खिचड़ी खिला रहे हैं https://ift.tt/3fHMrRS

मुंबई से यूपी, बिहार, मप्र, राजस्थान और दूसरे राज्यों के लिए निकले मजदूरों के काफिले से मुंबई-आगरा हाईवे भरा हुआ है। चिलचिलाती धूप के बीच लंगर इन मजदूरों के लिए बड़ा सहारा बन गए हैं। कसारा (मुंबई) से नासिक के बीच जगह-जगह प्रवासी मजदूरों के लिए लंगर चलाए जा रहे हैं। 80 किमी के इस डिस्टेंस में दो बड़े लंगर सिख समुदाय द्वारा और एक लंगर मुस्लिम समुदाय द्वारा चलाया जा रहा है। हिंदू संगठन के लोग टेम्पो-रिक्शा के जरिए जगह-जगह खाने-पीने के पैकेट और पानी बांट रहे हैं। नासिक से 25 किमी दूर राजूर फाटा परसिखों द्वारानिर्मला आश्रम तपस्थान लंगर चलाया जा रहा है। यहीं से थोड़ी आगे बढ़ने पर वाडिवरे गांव के पास मुस्लिमों के उम्मीद जनजीवन बहुउद्देशीय फाउंडेशन द्वारा दूसरा लंगर चल रहा है। तीसरा लंगर नासिक से करीब 65 किमी दूर मंगरूल में सिखों द्वारा चलाया जा रहा है।मंगलवार को जब हमारी टीम यहां पहुंची तो हाईवे का नजारा देखकर अल्लामाइकबाल की लिखी लाइनें 'मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्तांहमारा' मेरे जहन में आ गईं। मैंने देखा, भूखे-प्यासे अपने आशियानेकी तरफ भाग रहे प्...

ड्रोन अब तक आंख कान थे लेकिन अब हाथ भी, 13 राज्यों में 700 से ज्यादा ड्रोन कर रहे हैं निगरानी और दवा छिड़कने का काम https://ift.tt/2Wsg81W

ड्रोन अब तक आंख कान थे लेकिन अब हाथ भी बन गए हैं। ड्रोन के जरिए पुलिस न सिर्फ मॉनिटरिंग कर रही है बल्कि कई जगह दवा का छिड़काव भी किया जा रहा है।खास बात ये है किबड़ी संख्या में ऐसे ड्रोन पायलट एकजुट हुए हैं, जो बिना कोई चार्ज लिए पुलिस और प्रशासन के लिए ड्रोन ऑपरेट कर रहे हैं।देशभर में 1400 से ज्यादा लोगों ने अपने ड्रोन पुलिस की मदद के लिए इस्तेमाल करने की इच्छा जताई है। हालांकि अभी करीब 720 ड्रोन से ही मॉनिटरिंग की जा रही है। सिर्फ गुजरात में ही 160 निजी ड्रोन काम पर लगे हुए हैं। जहां आदमी नहीं जा सकते, वहां ड्रोन पहुंच रहे हैं और पुलिस, प्रशासन के मददगार बन रहे हैं। आसमान में उड़ने वाले ये ड्रोन पुलिस की आंख, कान और हाथबने हुए हैं। गुजरात में मार्च से ही ड्रोन के जरिए निगरानी शुरू हो गई थी। गुजरात से शुरू हुआ इनिशिएटिव ड्रोन पायलट मुफ्त में सरकार की मदद के लिए आगे आए हैं। मार्च महीने में गुजरात के अहमदाबाद में 'इंडियन ड्रोन कोड' के नाम से एक इनिशिएटिव शुरू किया गया। इस इनशिएटिव को शुरू करने वाले निखिल मेठिया ने बताया कि, हमाराड्रोन लैब के नाम से स्टार्टअप है। कोरोनावाय...

लॉकडाउन से अब तक 418 लोगों की मौत, सबसे ज्यादा 91 लोगों ने सुसाइड किया, इनमें से कुछ के पास काम नहीं था तो किसी की डर से मौत https://ift.tt/2LnnblV

कोरोनावायरस। महज 60 नैनोमीटर का है। यानी, इतना छोटा कि पेन से बनाए एक पॉइंट में लाखों कोरोनावायरस रह सकते हैं। इतना छोटा सा वायरस होने के बाद भी इसने दुनियाभर में 2.5 लाख से ज्यादा जानें ले ली हैं। हमारे देश में ही ये अब तक 22 हजार लोगों ने कोरोना से हारकर दम तोड़ दिया। लेकिन, ये 22 हजार लोग ही नहीं है, जिनकी जान कोरोना ने ली है। इनके अलावा 418 लोग ऐसे भी हैं, जिनकी जान संक्रमण से नहीं बल्कि लॉकडाउन की वजह से हुई। ये आंकड़ा 11 मई तक का है। इस डेटा को तीन रिसर्चर कनिका शर्मा, अमन और थेजेश ने तैयार किया है। 91 लोग ऐसे, जिन्होंने सुसाइड कर लिया उत्तर प्रदेश में एक शहर है। नाम है-किशनी। यहां एक छोटा सा गांव है रविदासपुर। ये वही गांव है, जहां कभी सत्यम रहा करता था। परिवार का पेट पाल सके, इसलिए सत्यम अपना गांव छोड़कर जयपुर चला गया। वहां वो ईंट की भट्टी में मजदूरी करने लगा। लेकिन, लॉकडाउन लगने की वजह से उसका काम बंद हो गया। सत्यम लॉकडाउन की वजह से जयपुर में ही फंस गया। उसने 10 मई को घर पर फोन कर कहा को वो गांव वापस आ रहा है। घर पर सब खुश थे। लेकिन, सत्यम घर नहीं आया और उसने जयपुर में अपन...

30 साल से सर्दी-जुकाम और खांसी का इलाज कर रहे डॉ. देवन ने जिंक और गर्म पानी से 7 कोरोना पॉजिटिव मरीजों को ठीक किया https://ift.tt/3fKSS6Q

डॉक्टर पीपी देवन केरल से हैं और इन दिनों खासे मशहूर हो रहे हैं। कोरोना के इलाज के अपने अलग तरीकों ने इन्हें चर्चा में ला दिया है। दरअसल, डॉ देवन का मानना है कि जिंक और गर्म पानी आपको कोरोना से बचा सकता है। इनके मुताबिक, शरीर में जिंक का लेवल अगर ठीक रहे तो इंफेक्शन या फिर वायरस शरीर पर असर नहीं डाल सकता। वे जिंक और गर्म पानी से अब तक 7 कोरोना पेशेंट्स का इलाज कर चुके हैं और सभी मरीज ठीक भी हो गए हैं। 30 साल से जुकाम और खांसी का इलाज कर रहे डॉक्टर देवन का कोरोना इलाज का यह तरीका पिछले दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। कारण साफ है कि क्योंकि कोरोना से बचने के ये उपाय बेहद आसान और आम हैं और इसके लिए पेचीदा इलाज की भी जरूरत नहीं है। मैंगलुरू के ए.जे. मेडिकल कॉलेज में हेड एंड नेक सर्जरी के प्रोफेसर डॉ देवन के मुताबिक, यदि देश में सभी लोग जिंक को अपने खाने में शामिल कर लें तो कोरोना या इस तरह के किसी भी इंफेक्शन से बचा जा सकता है। डॉ देवन का कहना है कि अगर सरकार जिंक की टैबलेट को अनिवार्य कर दे और लोग हर दिन ये टैबलेट खाएं तो बिना लॉकडाउन के भीबीमारी की रफ्तार को थामा जा सकता है।तमिलन...

कपाट खोलने और बंद करने के लिए पहले ही तय होती हैं 3 तारीखें, सिर्फ रावल ही छू सकते हैं भगवान की मूर्ति https://ift.tt/35YkcKq

15 मई की सुबह 4.30 बजे बद्रीनाथ धाम के कपाट खुल जाएंगे। लॉकडाउन की वजह से कपाट खोलने की तारीख बदली गई है। पहले 30 अप्रैल को कपाट खुलने थे। कोरोना वायरस के चलते पहली बार केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीखों में 15 दिन से ज्यादा का अंतर रहा है। केदारनाथ के कपाट 29 अप्रैल को खुल चुके हैं। बद्रीनाथ धाम के कपाट रावल द्वारा ही खोले जाते हैं। बुधवार, 13 मई को जोशीमठ से रावल शंकराचार्य की गद्दी लेकर निकलेंगे। इनके साथ ही धर्माधिकारी और अन्य लोग शमिल रहेंगे। दैनिक भास्कर ने बद्रीनाथ धाम से जुड़ी प्राचीन परंपराओं के बारे में यहां के रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी से बात की है। केरल से कितने दिनों में पहुंचे उत्तराखंड? क्वारेंटाइन का समय कैसे गुजरा? नेशनल लॉकडाउन है। ऐसी स्थिति में केरल से उत्तराखंड पहुंचने में इन्हें तीन दिन लगे और काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। केरल से उत्तराखंड के ऋषिकेश 20 अप्रैल को पहुंच गए थे। इसके बाद उन्हें वहीं क्वारेंटाइन किया गया था। क्वारेंटाइन पूरा करने के बाद वे 9 मई को जोशी मठ पहुंचे। क्वारेंटाइन में तीन समय भगवान की पूजा और यहां स्थित शिवानंद आश्र...

WHO ने हर्ड इम्यूनिटी के आइडिया को 'खतरनाक' बताया, कहा - कोरोना दुश्मन नंबर 1 है, इससे निपटना जादू का खेल नहीं https://ift.tt/2Z0uxDY

बिना वैक्सीन कोरोनावायरस से लड़ रही दुनिया के लिए अभी इम्यूनिटी और एंटीबॉडीजही उम्मीद की किरण हैं। लेकिन, कई हफ्तों से‘हर्ड इम्यूनिटी’ पाने के नाम पर बहस चल रही है। मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)भी इस बहस में कूद पड़ा। उसने सामूहिक प्रतिरोधकता के इस नए विचार याअवधारणा को खतरनाक बताया। दरअसल, हर्ड इम्यूनिटीएक पेचीदा गणितीय सोच है। कुछ वैज्ञानिक इसे कोरोना नियंत्रण के लिए सही भी मान रहे हैं।इसीलिए, डब्लूएचओ को दखल देना पड़ा। क्या है WHO की चेतावनी विश्व स्वास्थ्य संगठन में हेल्थ इमरजेंसी डायरेक्टरडॉ माइकल रेयान ने दुनिया की सरकारों की उस सोच कीभी आलोचना की है जिसमें वे लॉकडाउन में मर्जी से छूट और बेहद हल्के प्रतिबंध लगाकरयह सोच रहे हैं कि अचानक से उनके देशवासी “जादुई इम्यूनिटी” प्राप्त कर लेंगे। डॉ. रेयान ने चेतावनी देते हुए कहा कि, 'यह सोचना गलत था और आज भी है कि कोई भी देश कोविड-19 के लिए अपनी आबादी पर कोई "जादू" चलाकर उसमें इम्यूनिटी भर देगा।इंसान जानवरों के झुंड नहीं हैं। हर्ड इम्यूनिटी की बात तब करते हैं, जब यह देखना होताहै कि किसी आबादी में कितने लोगों को...